Saturday, 30 January 2016

इशक की दासताॅ गर इतनी ही अजीज होती,तो पयार यकीकन पयार होता--इस की

गहराई को जो समझा होता,तो पयार बदनाम नही होता---पयार तो हर कोई करता है,

पर दूर तक साथ कोई नही देता--करते है जो पयार,अकसर वो ही जखम गहरे दे जाते है

--वादे कर के वकत पे मुकर जाते है---पयार इबादत हैै गर,तो रुह को मुुकममल करता

है--वरना् हर जखम नासूर बन कर ही उभरता है---

Thursday, 28 January 2016

इक तेरा वजूद ही तो है,जिस ने मेरी रूह को नवाजा है---वरना सूरत पे तेरी तो हम गौर

करते ही नही--लाखो है मेेरे कदमो मे,सजदा करने के लिए--पर तेरी खामोशी ने ही हमे

पुकारा है---कुछ दूर तुम चलो साथ मेरे..कुछ कदम हम भी चले गे साथ तेेेरे--शायद

कुदऱत मेहबाॅ हो जाए हम पे.तुम पे---कि तेरे वजूद को मेरी रूह से मिला दे वो कभी---
तूफाॅ हजारो निकल गए जिनदगी मे मेरे-पर तेरी यादो ने दामन नही छोडा---वकत

जखम देता रहा,देता रहा-पर तेरी बातो से मैने जीना नही छोडा---होगी मुलाकात कब

तुम से,नही जानते---लेकिन सपनो मे तेरा आना जाना रोज ही देखा---हाथो की चूडिया

जब जब खनकती है रातो मे,तेरे होने का एहसास हम ने बार बार देखा---

Tuesday, 26 January 2016

तुम साथ चले मेरे,तो महक गए हम--साॅसो ने जो छुआ,बहक कयू गए हम--रिशतेे का

यह नशा कैसा है..हमदम मेरे--बॅधे है जब से साथ तेरे,यू ही चहक रहे है हम----कभी

अलविदा ना कहना..ना मुझ से खफा होना---तेरे बदन से कया लिपटे,तेरा साया ही कयू

बन गए है हम---

Saturday, 23 January 2016

हमारे नूरानी चेहरे पे वो फिदा हो गए--हमे पढते पढते वो तो शायर ही बन गए---नजमे

जो उन की पढी,हम तो कायल ही हो गए---जिनदगी की दासताॅ मे वो कहा से आ गए--

हम तो अमानत हैै किसी और की,यह जान कर वो तो आॅसूओ के समनदऱ मे नहा गए--

Wednesday, 20 January 2016

तारीफ मेरी इतनी ना करो तुम,कही आसमाॅ मे ना उडनेे लगे हम--जिनदगी मे अपनी

इतना ना करो शामिल-ऐसा ना हो खुद की जिनदगी मे ही ना रह पाए हम--अपने हुसन

पे ना इतराए गे कभी,कि तेरी ही नजऱो मे कही दोषी ही ना बन जाए हम--कायल है तेरी

रूमानी बातो के,कि तेरे कदमो मे मुहबबत अपनी कुरबान करते जा रहे है हम---

Tuesday, 19 January 2016

दोसतो-नई सुबह मुबारक हो--यह जिनदगी बहुत बार अनदर तक तोड जाती है-इनसान है-अकसर घबरा जाते है,टूट जाते है--पर दोसतो,इन टूटे टुकडो को इकटठा कर के फिर हिममत जुटाए और जिनदगी को दुबारा जिए--हालात हमेशा एक से नही रहते--याद रखिए-हर रात के बाद नई सुबह का आना निशिचत है--कुदरत के नियम कभी नही बदलते---खुुश रहे--शुुभकामनाए सभी के लिए---
तेरी खामोशी की आवाज सुन रहे है हम--बॅद आॅखो के तेरे सपने,अपनी आॅखो मे कैद

कर चुके है हम--वो खवाहिशेे,वो दसतके  जो दिल के दरवाजे पे दे रहे हो तुम--चुपके से

उन खवाहिशो को हकीकत का नाम देने जा रहे है हम---य़कीॅ तुमहे दिलाए कैसे कि

रफता रफता तेरी ही मुहबबत के आदी होते जा रहे है हम----

Sunday, 17 January 2016

 बॅद दीवारो मे कैद है,फिर भी उन खुली हवाओ को याद करते है--घुटन मे साॅसे जब दम

तोडने लगती है,तो उन हसीन वादियो को याद कर लेते है---कया उमर यू ही कट जाए

गी,ढोलक की थाप पे नाचतेे नाचते--आॅखे भर आई है घुघॅरू की आवाज पर--बेजान

जिनदगी का सफर कटता नही-खिलखिलाती हॅसी मे महकता वो समाॅ,आज भी याद

करते है तो रो लेते है--

Thursday, 14 January 2016

उन के इजहाऱे-पयार का कुछ जवाब ना दे पाए है हम--बस सजदे मे सर झुका दिया,

कुछ भी ना बोल पाए है हम--इकराऱ हम कर दे,वो मिननते कर रहे है हम से बार बार--

पयार बसा हो जो रूह मे,तो कयू इकरार कर पाए गे हम--यह तो इशक है यारा मुहबबत

को मेरी आजमाना ना कभी--कि मर के भी किसी और के ना हो पाए गे हम-ना हो पाए

गे हम--

Wednesday, 13 January 2016

दोसतो नई सुबह मुबारक हो--लोग कया कहे गेे,इसी उधेडबुन मे हम जीवन के बहुत साल यू ही गुजार देतेे है..जिनदगी को जिए..जीने के सही मकसद को तलाश करे..अपने सपनो को नई राह दे..सिऱफ अपने जमीर की आवाज सुने,वो कभी गलत नही होता..जो मन आतमा से आप को पयार करते है,वो आप के साथ होगे..जो आप को पयार नही करते,पसनद भी नही करते,उनहे बस दुआ दे कर उसी मोड पे छोड दे..अकेले चलने की हिममत पैदा करे..देखिए धीरे धीरे सही लोगो का काफिला आप केे साथ होगा..दुआए साथ होगी..भगवान् साथ होगे..शुभकामनाए सभी के लिए---

Sunday, 10 January 2016

मेरे पास तेरे खवाबो के सिवा और कुछ भी नही--तडपती रूह मे हजारो सवालात के

सिवा और कुछ भी नही--वफाओ की कहानी बन गई जिनदगानी मेरी--पायल की

रूनझुन मे बरसती रही आॅखो से नमी,वो मुुहबबत का पानी--साॅसे जो कभी थमने लगी

तो दिल ने कहा----यह जवानी तेरी पनाहो के सिवा और कुुछ भी नही---कुछ भी तो नही -------

Saturday, 9 January 2016

इनतजाऱ तो इनतजाऱ है,यह खतम कयू नही होता---ढलते सूरज की तरह,यह सुबह मे

फना कयू नही होता---लबो पे फरियाद लिए भटक रहे है दर-ब-दर,फिर भी तेरे लौट

 आने की घडियो पे ऐतबार कयू नही होता---झूठे वादे ना कर मुझ से कि अब तेेरे दीदार

केे लिए फिर से बहकने का मन कयू नही होता----

Tuesday, 5 January 2016

ऱाज है बहुत गहरा इस दिल मे,ना बताए गे उनहे----कदमो की आहट मे छिपा है

इनतजाऱ कितना,कयू बताए गे उनहे---पऱिनदे उडे तो सुुबह होने का खय़ाल आया हमे,

किस लिए रात भर जागे-यह भी ना बताए गे उनहे----झॅकार पायल की बजती रही रात

के अॅधेरे मे,पुकार रही है तुमहे---आओ गे तो खुद ही जान जाओ गे इनहे----

Monday, 4 January 2016

मासूम सी मुसकुराहट हमारी,दिल उन का चीर गई---खिलखिलाती हॅसी से हमारी,उन

की तो दुनिया ही बदल गई---इजहाऱे-पयार का तोहफा लिए,वो हमारे कदमो मे थे---

कया कहे खुद से,कि वो हमारे लिए कया हो गए---दिल धडकता रहा-साॅसे महकती रही-

खवाबो की दुनिया से,रौशन हमारी जिनदगी कर गई--यह तकदीर तो हमे आसमाॅ मे ही

उडा कर ले गई----

Saturday, 2 January 2016

नई सुबह मुबारक हो---दोसतो खुद को सही और अचछा सााबित करने के लिए-किसी

को कोई सफाई मत दीजिए--अपने करम ठीक रखिए--आप की असलियत सिरफ

भगवान् जानते है--वो ही आप को जानते है--शुभकामनाए सब के लिए----
कलम हाथ मे लिए,अपनी हसरतो को लिख रहे है हम--जो खताए तुम ने की,जो सजाए

हम को मिली---कागज के इन पननो पे उतारते जा रहे है हम--तूफाॅ आते रहे-तूफाॅ जाते

रहे---खुद को तेरे मुकममल बनाते ही रहे हम---मुहबबत मे फना होना कोई खेल नही

शायद,तेरे साथ चलने के लिए खुद से ही दूर हो रहे है हम----